लाइफ स्टाइल

‘सनस्क्रीन या सन ब्लॉक’ क्या है आपकी स्किन के लिए बेहतर? जानें दोनों में क्‍या है अंतर

Difference Between Sunscreen And Sun Block : गर्मी के मौसम में सनबर्न, टैनिंग और त्‍वचा संबंधी अन्‍य समस्‍याएं होना आम बात है. तीखी धूप और इसमें मौजूद पराबैगनी किरणें (UV Light) हमारी स्किन को काफी नुकसान पहुचाती हैं. इनके प्रभाव से बचने के लिए हम धड़ल्‍ले से सनस्‍क्रीन (Sunscreen) या सनब्‍लॉक (Sun Block) का प्रयोग करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ये प्रोडक्‍ट्स हमारी त्‍वचा को एक सुरक्षा कवच देकर इन खतरनाक किरणों के बुरे प्रभाव से बचाते हैं.  हेल्‍थलाइन के मुताबिक, स्किन पर झुर्रियां पड़ना, उम्र से पहले फाइन लाइंस आना, झांइयां आदि होने का सबसे बड़ा कारण यूवी किरणें हैं. ज्‍यादा देर तक धूप में रहने से न सिर्फ त्वचा पर कालापन आ जाता है बल्कि स्किन से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं. ऐसे में सनस्‍क्रीन या सनब्‍लॉक लोशन हमारी स्किन की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी होते हैं. हालांकि आमतौर पर यह देखने को मिलता है कि लोग स्‍नस्‍क्रीन और सन ब्‍लॉक के बीच के अंतर को नहीं जानते और जानकारी के अभाव में इनका गलत तरीके से प्रयोग करने लगते हैं. तो आइए जानते हैं कि धूप से बचाव के लिए हम जिन सनस्‍क्रीन या सन ब्‍लॉक का प्रयोग करते हैं आखिर वे हैं क्‍या. क्‍या है दोनों में अंतर -सनस्‍क्रीन की बात करें तो इसमें कई ऑर्गेनिक कैमिकल कम्‍पाउंड होते हैं जो यूवी लाइट के संपर्क में आकर कैमिकल डिफेंस के रूप में रिऐक्‍शन करते हैं और इन्‍हें अपने अंदर सोखकर यूवी लाइट के बुरे प्रभावों को स्किन तक नहीं पहुंचने देते. इसे भी पढ़ें : डार्क सर्कल्स से हैं परेशान, तो जानें इसके होने की 8 वजहें-जबकि सनब्लॉक की बात की जाए तो ये कई तरह के मिनिरल इंग्रीडिएंट कॉम्‍पोनेंट जैसे टिटैनियम डायऑक्‍साइड और जि़ंक ऑक्साइड होते हैं जो यूवी किरणों को त्वचा के संपर्क में आने से पहले फिजिकली ब्‍लॉक करते हैं. सनब्‍लॉक विजिबल होता है और यह स्किन के उपर नजर आता है. -इन दोनों के प्रयोग में भी अंतर है. सनस्‍क्रीन को बाहर निकलने से 30 मिनट पहले अप्‍लाई किया जाता है जबकि सन ब्‍लॉक को निकलने से तुरंत पहले प्रयोग किया जाता है. तब ही ये धूप में असरदार होते हैं. आपके लिए क्‍या है बेहतर  
ये दोनों ही सन प्रोटेक्‍शन क्रीन हमारी स्किन को यूवी किरणों से सुरक्षा देते हैं. स्किन कैंसर फाउंडेशन के मुताबिक, जब भी इन प्रोडक्‍ट का प्रयोग करें तो पहले अपने स्किन टाइप को जरूर परखें. अगर आपकी स्किन सेंसेटिव है सनब्‍लॉक आपके लिए बेहतर है. इसे बच्‍चों के लिए भी प्रयोग में लाया जा सकता है. जिन लोगों की स्किन में एलर्जी की समस्‍या रहती है उन्‍हें भी सनब्‍लॉक क्रीम का ही प्रयोग करना चाहिए. एनवायरमेंट वर्किंग ग्रुप की मानें तो अगर आपके सन ब्‍लॉक या सनस्‍क्रीन में ऑक्‍सीबेनजॉन तत्‍व हो तो आप इस प्रोडक्‍ट का प्रयोग ना ही करें तो बेहतर होगा. इस्तेमाल करने का क्‍या है तरीका -डॉक्‍टरों की मानें तो अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो आपको सनब्लॉक इस्तेमाल करना चाहिए. इससे यूवी किरणों से होने वाली एलर्जी का खतरा कम होता है. -अगर आपके पास वक्‍त का अभाव हो और तुरंत काम करने वाला प्रोडक्‍ट आप चाहते हों तो सनस्क्रीन चुनें. ये जल्‍दी सूख जाते हैं और इसका असर भी तुरंत शुरू हो जाता है. – हमारे देश के मौसम के हिसाब से एसपीएफ 30 या उससे ज़्यादा एसपीएफ ही बेहतर होता है. फिर वो चाहे सनस्‍क्रीन हो या सनब्‍लॉक. – अगर सनस्क्रीन लोशन लगाने के बाद पसीना आ रहा है तो संभावना है कि इसका प्रभाव कम जाए. ऐसे में सन प्रोटेक्‍शन क्रीम की मोटी परत लगाएं. -अगर आप इसकी चिपचिपाहट से बचना चाहते हैं तो आप इसे लैक्टो कैलमाइन लोशन के साथ मिक्स कर भी लगा सकते हैं. इसे भी पढ़ें : समर में आपकी स्किन भी हो जाती है डल, तो अपनाएं ये तरीके -अगर आपकी स्किन ऑयली है तो आप जेल बेस्‍ड लोशन का प्रयोग करें. अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप मॉश्‍चराइजर बेस्‍ड लोशन का प्रयोग करें.अगर आपकी स्किन नॉर्मल है तो आप क्रीम बेस्‍ड प्रयोग कर सकते हैं. जानें क्‍या है एसपीएफ, कैसे करें इनका चुनाव सन प्रोटेक्‍शन लोशन का चुनाव करते समय उसमें मौज़ूद एसपीएफ (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) की मात्रा की सही जानकारी होना बहुत ज़रूरी है. विशेषज्ञों की मानें तो एसपीएफ की मात्रा कम से कम 15 होना जरूरी है लेकिन बढ़ती गर्मी और प्रदूषण के दौरान एसपीएफ 15 से लेकर एसपीएफ 30 वाले सनस्क्रीन लोशन अधिक प्रभावी होते हैं. बता दें कि सनस्क्रीन में एसपीएफ की मात्रा जितनी ज्य़ादा होगी, त्वचा को अल्ट्रा वॉयलेट बी किरणों से होने वाला नुकसान उतना ही कम होगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)




Source link

Tags

Related Articles

Back to top button
the tadka news
Close