उज्जैन तड़का

सैक्रिन मिलाकर बनाया टोस्ट, फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई

-नागझिरी उद्योपुरी स्थित फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मारा था छापा, मिला था सैक्रिन

उज्जैन। नागझिरी पुलिस ने फन एंड फूड इंडस्ट्रीज के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। फर्म फन एंड फूड इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री में सोडियम सैक्रिन मिलाकर टोस्ट बनाए जा रहे थे। सैक्रिन खाने से शरीर में कई प्रकार की बीमारिया हो जाती है। भोपाल से आई जांच रिपोर्ट के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

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नागझिरी थाना प्रभारी विक्रम इवने ने बताया कि खाद्य एवं औषधि अधिकारी की शिकायत के बाद फर्म फन एंड फूड इंडस्ट्रीज के प्रभारी विक्रेता मोहम्मद जुबैर एवं फैक्ट्री संचालक गुलरेज खान एवं सुरेश शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। खाद्य अधिकारियों ने बताया कि भोपाल स्थित प्रयोगशाला से नमूनों के जांच रिपोर्ट आई है। जिसमें टोस्ट के नमूनों में सोडियम सैक्रिन मिलावट पाई गई है। जिसे मानव स्वास्थ्य के लिये हानिकारक होने से असुरक्षित एवं मिथ्याछाप घोषित किये गये। सोडियम सैक्रिन स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है, जिससे कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती है।

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खाद्य विभाग ने मारा था छापा

गौरतलब है कि मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा 23 सितंबर को नागझिरी इंडस्ट्रियल एरिया देवास रोड स्थित फर्म फन एंड फूड इंडस्ट्रीज पर छापा मारा था। टोस्ट निर्माण में उपयोग किये जा रहे प्रतिबंधित सोडियम सैक्रिन, मैदा, पाम आयल और रंग के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच उपरांत लगभग 1 हजार 736 किलोग्राम टोस्ट एवं अन्य खाद्य सामग्री अनुमानित कीमत 1 लाख 18 हजार को जब्त किया गया था। साथ ही फैक्ट्री को सील कर दिया गया था।

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जांच में मिली थी खामी

  • कर्मचारियों द्वारा पर्सनल हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जा रहा था।
  • कर्मचारियों द्वारा हेड कैप, एप्रिन आदि पहने नही पाए गए।
  • फैक्ट्री में टोस्ट के निर्माण में पर्याप्त स्वच्छता नही पाई गई।
  • टोस्ट की पैकिंग पर बैच न और पैकिंग डेट नही पाई गई।
  • कर्मचारियों के मेडिकल परीक्षण भी नहीं पाए गए।

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शक्कर से 550 गुना मिठी होती है सैक्रिन

गौरतलब है कि सैक्रिन एक कार्बनिक यौगिक है। जिसके उपयोग से कृत्रिम मिठास का आभास होता है। जबकि इसमें किसी भी प्रकार की भोजन ऊर्जा नहीं होती। चीनी की अपेक्षा सैक्रिन 550 गुना अधिक मीठी होती है। अधिकांश रूप से सैक्रिन का उपयोग तय मात्रा में पेयों, चॉकलेट, कुकी, दवाओं तथा दन्तमंजन आदि को मापदंड के अनुसार मीठा करने के लिये किया जाता है।

अधिक सेवन से हो सकता है कैंसर

कोई भी व्यक्ति अगर सैक्रिन का अधिक उपयोग करते तो उसका गले खराब हो सकता है। इसके अलावा गले की बीमारियां होती है। वहीं सैक्रिन के अधिक सेवन करने से कैंसर तक हो सकता है। इसके अलावा इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी सैक्रिन नुकसान पहुंचाती है। विशेषज्ञों की माने तो सैक्रिन की मात्र जितनी कम शरीर में जाए उतना अच्छा है। लेकिन कई व्यापारी इसका उपयोग टोस्ट आदी में भी करने लगे है, जो खतरनाक है।

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