शख्सियत

Jyothi Reddy Story: खेतों में की मजदूरी, अब अमेरिका में खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी

Jyothi Reddy Story ज्योति की कंपनी का ऑफिस Phoenix में है। आज उनकी कंपनी की वैल्यू 15 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब एक अरब रुपये से ज्यादा है

Jyothi Reddy Story: सभी लोगों की जिंदगी में मुश्किलें आती हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो तमाम दिक्कतों के बाद भी आगे बढ़ जाते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है तेलंगाना में वारंगल की रहने वाली Jyothi Reddy ने। एक समय ऐसा था जब वह बचपन में नंगे पैर स्कूल जाया करती थीं।

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। कभी एक वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता था। लेकिन आज ज्योति अमेरिका में रहकर अपना business कर रही हैं। वह अमेरिका में Software Solutions Inc कंपनी की सीईओ हैं।

ज्योति की कंपनी का ऑफिस Phoenix में है। आज उनकी कंपनी की वैल्यू 15 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब एक अरब रुपये से ज्यादा है। ज्योति ने आज एक मिसाल कायम की है।

उन्होंने दिखा दिया कि अगर मन में कुछ करने की ठान ली जाए तो कुछ भी मुश्किल नहीं है। आईए आपको बताते हैं ज्योति ने किस तरह से इतनी सफलता हासिल की है।

अनाथालय जाना पड़ा (Jyothi Reddy Story)

Jyothi Reddy Story

ज्योति रेड्डी का जन्म साल 1970 में Telangana के वारंगल जिले में हुआ था। ज्योति के अलावा परिवार में चार और बहन हैं, जिनमें ज्योति सबसे छोटी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते उनकी पढ़ाई-लिखाई नहीं हो सकती थी।

इसलिए उनकी फैमिली ने उन्हें अनाथालय में छोड़ दिया था। ज्योति यहां रहकर पढ़ाई करने लगी और फिर 10वीं का एग्जाम उन्होंने फर्स्ट डिवीजन से पास किया। लेकिन पैसों की तंगी के कारण वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पाईं।

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बढ़ती गईं मुश्किलें

ज्योति की मुश्किलें कम होने की जगह बढ़ती चली गईं। सिर्फ 16 साल की उम्र में उनकी शादी करा 26 साल के युवक से करा दी गई। शादी के दो साल बाद ही ज्योति के दो बच्चे हो गए।

ऐसे में मुश्किलें और बढ़ गईं और घर का खर्चा चलाने के लिए ज्योति पास के एक खेत में काम करने लगीं। ज्योति ने परिवार के पालन-पोषण के लिए खेतों में काम किया,

इसके लिए उन्हें हर दिन 5 रुपए मिलते थे। ज्योति ने इसके साथ ही अपनी पढ़ाई जारी रखी और साल 1992 में उन्होंने बीए स्ट्रीम से ग्रेजुएशन पूरा किया।

life बदलने की ठानी

ज्योति ने एक स्कीम के तहत टाइपिंग भी सीख ली। इसके कुछ समय बाद उन्होंने एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया। यहां पर ज्योति को 398 रुपये की सैलरी मिलती थी। ज्योति को घर से स्कूल आने जाने में चार घंटे लगते थे, तो उन्होंने इसका यूज करना शुरू किया और ट्रैवल के दौरान वो साड़ी बेचने लगी।

ऐसे पहुंची America (Jyothi Reddy Story)

Jyothi Reddy Story

ज्योति जब टीचिंग कर रही थी तो इसी दौरान साल 2000 में अमेरिका में रहने वाली एक कजिन गांव आई और फिर दोनों की मुलाकात हुई। इस ज्योति के कजिन ने उनको अमेरिका आने का ऑफर दिया जिसे उन्होंने मान लिया।

इसके बाद ज्योति अपने दोनों बच्चों का एडमिशन मिशनरी स्कूल में करा दिया और अमेरिका चली गई। अमेरिका आने के बाद ज्योति ने यहां करीब कई तरह की जॉब की।

Software कंपनी की शुरुआत

ज्योति रेड्डी को working visa पाने के लिए कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था। किसी तरह मैक्सिको जाकर उन्हें यह मिला। इसके बाद उन्होंने साल 2001 में अमेरिका में अपनी कंसल्टिंग फर्म खोली।

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ये कंपनी उन्होंने अपनी सेविंग से 4,000 यूएस डॉलर लगाकर शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने KEY Software Solution नाम से एक सॉफ्टवेयर कंपनी बनाई।

ज्योति आज इस कंपनी की सीईओ हैं। कंपनी ने अमेरिका के कई शहरों में अपना विस्तार कर लिया है और वो अमेरिका की कई बड़ी कंपनियों को आईटी सपोर्ट उपलब्ध करा रही हैं।

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Deepak Bharti

मैं दीपक भारती thetadkanews.com हिन्दी News वेब पोर्टल का Founder हूं, BA और MA in Mass Communication की पढ़ाई के बाद मैने साल 2008 में पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। मैने शुरूआती दिनों में सांध्य दैनिक News Today, Agniban, Akshar Vishwa, Dainik Swadesh में रिपोर्टर और वर्तमान में Dainik Dabang Dunia में सनियर रिपोर्टर के रूप में काम कर रहा हूं। मैने पत्रकारिता को एक मिशन के रूप में लिया है। बदलती दुनिया पत्रकारिता भी डिजिटल स्वरूप में आ गई हैं। मेरा यह प्रयास रहता है कि खबर जैसी है वैसी ही उसके पाठकों तक पहुंचना चाहिए। ताकि वह उसके हर पहलू को समझ सकें।

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